भाजपा अध्यक्ष मल्होत्रा और मेयर बबला की अहम भूमिका

चंडीगढ़, जिसे ‘सिटी ब्यूटीफुल’ के नाम से जाना जाता है, लंबे समय से नगर निगम के वित्तीय संकट के कारण विकास कार्यों में ठहराव का सामना कर रहा था। सड़कों की खराब स्थिति, कचरा प्रबंधन की कमी, जलापूर्ति और स्ट्रीट लाइट जैसी बुनियादी सुविधाओं में देरी ने शहरवासियों को परेशान किया हुआ था। लेकिन अब केंद्र सरकार द्वारा चंडीगढ़ नगर निगम को 125 करोड़ रुपये का विशेष अनुदान स्वीकृत किए जाने से शहर में विकास कार्यों को नई गति मिलने की उम्मीद है। इस उपलब्धि में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के चंडीगढ़ प्रदेश अध्यक्ष जितेंद्र पाल मल्होत्रा और मेयर हरप्रीत कौर बबला की भूमिका को अहम माना जा रहा है। शहरवासियों ने धन्यवाद करते हुए इसे मील का पत्थर साबित होने वाली बात कही। केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय ने 27 अगस्त 2025 को अनुदान संख्या 53 के तहत चंडीगढ़ नगर निगम को 125 करोड़ रुपये की विशेष अनुदान राशि स्वीकृत की। इस राशि का उद्देश्य शहर की बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना और रुके हुए विकास कार्यों को फिर से शुरू करना है। इस अनुदान से स्वच्छता, जलापूर्ति, कचरा प्रबंधन, सड़क प्रकाश व्यवस्था, और वी 4, वी 5, वी 6 सड़कों की रिकॉरपेटिंग जैसे महत्वपूर्ण कार्यों को गति मिलेगी। इसके अलावा, ठेकेदारों के बकाया भुगतान को भी पूरा किया जाएगा, जिससे विकास परियोजनाओं में तेजी आएगी।
भाजपा चंडीगढ़ प्रदेश अध्यक्ष जितेंद्र पाल मल्होत्रा ने इस अनुदान को हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मल्होत्रा ने केंद्र सरकार के मंत्रियों और अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क बनाए रखा, जिसके परिणामस्वरूप यह विशेष अनुदान स्वीकृत हुआ।
चंडीगढ़ की मेयर हरप्रीत कौर बबला ने भी इस अनुदान को हासिल करने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने केंद्र सरकार, विशेष रूप से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, और पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ प्रशासक गुलाब चंद कटारिया का आभार व्यक्त किया

इस 125 करोड़ रुपये के अनुदान से चंडीगढ़ में कई रुके हुए प्रोजेक्ट्स को पूरा करने में मदद मिलेगी। प्रमुख कार्यों में शामिल हैं:-

-सड़कों का रखरखाव और रिकॉरपेटिंग : वी 4, वी 5, और वी 6 सड़कों की मरम्मत और रखरखाव, जो लंबे समय से खराब स्थिति में हैं।

-स्वच्छता और कचरा प्रबंधन : शहर में जगह-जगह लगे कचरे के ढेर को हटाने और कचरा प्रबंधन प्रणाली को मजबूत करने के लिए कदम।

-जलापूर्ति और सड़क प्रकाश : जलापूर्ति व्यवस्था को नियमित करना और स्ट्रीट लाइट्स की स्थिति में सुधार।

-ठेकेदारों के बकाया भुगतान : आर्थिक संकट के कारण रुके हुए ठेकेदारों के भुगतान को पूरा करना, जिससे प्रोजेक्ट्स फिर से शुरू हो सकें।

केंद्र सरकार ने चंडीगढ़ के विकास के लिए पहले भी वर्ष 2022-23 के लिए 5,382.79 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया था। इस बार 125 करोड़ रुपये का विशेष अनुदान शहर की तात्कालिक जरूरतों को पूरा करने के लिए दिया गया है। यह कदम केंद्र सरकार और भाजपा-शासित नगर निगम के समन्वित प्रयासों का परिणाम है, जो चंडीगढ़ के नागरिकों के लिए बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित करने की दिशा में काम कर रहे हैं। चंडीगढ़ के निवासियों को उम्मीद है कि यह अनुदान शहर को फिर से ‘सिटी ब्यूटीफुल’ की पहचान दिलाने में मदद करेगा।