संचार मंत्रालय के एक प्रमुख दूरसंचार अनुसंधान एवं विकास केंद्र सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ टेलीमैटिक्स (सी-डॉट) ने अगली पीढ़ी के मोबाइल नेटवर्क 6जी पर अनुसंधान शुरू कर दिया है। सी डाट पहले स्वदेशी 4जी और 5जी सेवाएं विकसित करने में सफल रहा है। सीडॉट के स्थापना दिवस के मौके पर सोमवार को मुख्य कार्यकारी अधिकारी डा. राजकुमार उपाध्याय ने कहा कि पिछले चार दशकों में सीडाट भारत की दूरसंचार क्रांति में अग्रणी रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में कनेक्टिविटी लाना, महत्वाकांक्षी भारतनेट (एनओएफएन) परियोजना को गति देना, और साइबर सुरक्षा, आपदा प्रबंधन, 4जी/5जी पीढ़ी के नेटवर्क, एआई नेटवर्क प्रबंधन प्रणाली में उसने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। अब 6जी उपयोग के मामलों में भी खोजपूर्ण अनुसंधान शुरू कर दिया है जो भारत को अगली पीढ़ी की कनेक्टिविटी में एक वैश्विक नेता के रूप में स्थापित करने और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इस मौके पर संचार राज्य मंत्री डॉ. चंद्रशेखर पेम्मासानी ने एक तकनीकी प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। पेम्मासानी ने कहा कि दूरसंचार राष्ट्रीय सुरक्षा की कुंजी है। हमारे द्वारा निर्मित प्रत्येक नेटवर्क, प्रत्येक सिग्नल, प्रत्येक डेटा पैकेट भारत के रणनीतिक बुनियादी ढाँचे का हिस्सा है।