अंबाला। मानवता, करुणा और सेवा भाव का सजीव उदाहरण प्रस्तुत करते हुए आज अपना घर, ग्राम बलाना, हिसार रोड, अंबाला सिटी का एक विशेष निरीक्षण एवं चिकित्सा-मनोवैज्ञानिक सेवा शिविर आयोजित किया गया। अपना घर उन असहाय, निराश्रित, परित्यक्त एवं बेसहारा व्यक्तियों के लिए आश्रय स्थल है, जो गंभीर शारीरिक एवं मानसिक पीड़ा से ग्रस्त हैं तथा कई मामलों में अपनी पहचान या पता बताने में भी असमर्थ हैं। ऐसे पीड़ित मानव, वास्तव में ईश्वर का ही स्वरूप हैं, जिनकी सेवा समाज का नैतिक दायित्व है। इस मानवीय पहल के अंतर्गत डॉ. राजिंदर राय, उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी (मानसिक स्वास्थ्य), सिविल अस्पताल, अंबाला अपनी विशेषज्ञ टीम के साथ उपस्थित रहे। उनके साथ डॉ. कुलदीप सिंह (परामर्श मनोवैज्ञानिक), संस्थापक/निदेशक माइंड थैरेप्यूटिक्स एवं उनकी टीम ने संयुक्त रूप से सेवाएं प्रदान कीं। इस अवसर पर कुल लगभग 35 मरीजों/व्यक्तियों की विस्तृत चिकित्सकीय एवं मनोवैज्ञानिक जांच की गई। डॉ. राजिंदर राय द्वारा सभी मरीजों का मानसिक स्वास्थ्य मूल्यांकन कर आवश्यक दवाइयों का विधिवत प्रिस्क्रिप्शन किया गया। उन्होंने मानसिक रोगों की गंभीरता, लक्षणों एवं उपचार की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए व्यक्तिगत स्तर पर दवाइयों का चयन किया, जिससे मरीजों को त्वरित एवं दीर्घकालिक लाभ मिल सके। वहीं डॉ. कुलदीप सिंह एवं उनकी टीम द्वारा प्रत्येक व्यक्ति की विस्तृत केस हिस्ट्री ली गई। इसमें उनके व्यवहार, भावनात्मक स्थिति, संज्ञानात्मक स्तर, सामाजिक प्रतिक्रियाओं एवं मनोवैज्ञानिक समस्याओं का सूक्ष्म विश्लेषण किया गया। आवश्यकता अनुसार मनोचिकित्सीय परामर्श प्रदान की गई, जिसमें सहायक संवाद, भावनात्मक समर्थन, व्यवहारिक मार्गदर्शन एवं पुनर्वास से संबंधित सुझाव शामिल थे। टीम का मुख्य उद्देश्य इन बेसहारा व्यक्तियों में सुरक्षा, अपनापन एवं मानसिक स्थिरता की भावना विकसित करना रहा। अपना घर के प्रबंधन एवं स्टाफ ने इस सेवा कार्य में पूर्ण सहयोग प्रदान किया तथा वहां रह रहे व्यक्तियों की दैनिक समस्याओं, स्वास्थ्य स्थिति एवं आवश्यकताओं से चिकित्सकीय टीम को अवगत कराया। इस संयुक्त प्रयास से यह सुनिश्चित किया गया कि प्रत्येक मरीज को समग्र देखभाल—चिकित्सकीय एवं मनोवैज्ञानिक—एक साथ प्राप्त हो सके। इस सेवा शिविर ने यह संदेश दिया कि समाज के सबसे कमजोर और उपेक्षित वर्ग के प्रति संवेदनशीलता एवं सक्रिय सहयोग अत्यंत आवश्यक है। मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाना और ऐसे निराश्रित व्यक्तियों को गरिमापूर्ण जीवन की ओर अग्रसर करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। भविष्य में भी इस प्रकार के सेवा कार्य निरंतर जारी रखने का संकल्प व्यक्त किया गया, ताकि मानवता की सेवा के इस पुनीत कार्य को और अधिक सशक्त बनाया जा सके।