आर्य पीजी कॉलेज की छात्राओं ने कहा अब हमें डर नहीं लगत
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा प्रदेश में अपराध कम करने के लिए पुलिस को सख्त निर्देश दिए गए हैं। इन्हीं निर्देशों की अनुपालना करते हुए पानीपत पुलिस अधीक्षक भूपेंद्र सिंह ने जिले के सभी पुलिस अधिकारियों को अपराध पर कड़ाई से अंकुश लगाने के स्पष्ट आदेश दिए। नतीजा यह हुआ कि जिले में अपराधों में उल्लेखनीय कमी दर्ज की जा रही है।
इसी अभियान के तहत पानीपत के आर्य पीजी कॉलेज में एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें छात्राओं को अपराध के प्रति सतर्क रहने और साइबर सुरक्षा संबंधी जानकारी दी गई।
डीएसपी नवीन सिंधु ने बताया कि महिलाओं की सुरक्षा और साइबर अपराध रोकथाम को लेकर पानीपत पुलिस लगातार जागरूकता अभियान चला रही है। उन्होंने कहा कि हर हफ्ते पुलिस अधिकारी, जिनमें महिला अधिकारी भी शामिल होती हैं, कॉलेजों और स्कूलों में जाकर छात्र-छात्राओं और आम नागरिकों को जागरूक करते हैं। उन्होंने बताया कि आज भी छात्राओं को गुड टच, बैड टच, और साइबर अपराध से बचने के उपाय बताए गए।
महिला थाना एसएचओ रेखा देवी ने छात्राओं को सोशल मीडिया का सुरक्षित उपयोग करने की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि छात्राओं को साइबर बुलिंग, डीपफेक और ऑनलाइन धोखाधड़ी के खतरों से अवगत कराया गया। रेखा देवी ने बताया कि छात्राएं किसी भी साइबर अपराध की शिकायत तुरंत 1930 नंबर पर कॉल करके दर्ज कर सकती हैं। उन्होंने कहा कि महिला थानों में अब महिलाएं बिना झिझक अपनी समस्याएं साझा करने आ रही हैं, जिससे अपराधों पर अंकुश लगाने में मदद मिली है।
कॉलेज प्राचार्य डॉ. जगदीश गुप्ता ने पुलिस की इस पहल की सराहना की। उन्होंने कहा, “पुलिस टीम के आने से बच्चों के अंदर सुरक्षा की भावना बढ़ी है। साइबर अपराधों से बचाव और जागरूकता निश्चित तौर पर समाज के लिए लाभकारी है। पानीपत शहर में अब हर व्यक्ति महसूस कर रहा है कि पुलिस पूरी तरह अलर्ट है।
कार्यक्रम में मौजूद छात्राओं ने भी पुलिस की कार्यशैली की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि अब उन्हें डर नहीं लगता। पहले वे माता-पिता के साथ कॉलेज आती-जाती थीं, लेकिन अब अकेले आने-जाने में भी सुरक्षित महसूस करती हैं। छात्राओं ने बताया कि शहर में जगह-जगह पुलिस की गाड़ियां और पीसीआर वैन गश्त करती दिखती हैं, जिससे भरोसा बढ़ा है।
एक छात्रा ने बताया, पहले हमें 2 या 3 बजे तक घर पहुंचने की जल्दी रहती थी, लेकिन अब शाम 5–6 बजे तक भी बिना डर के घर लौट सकते हैं। चोरी-डकैती की घटनाएं कम हुई हैं और अगर कोई घटना होती भी है, तो पुलिस तुरंत एक्शन लेती है।
इस मौके पर डीएसपी नवीन सिंधु, एसएचओ रेखा देवी, कॉलेज प्राचार्य डॉ. जगदीश गुप्ता और छात्राओं ने पुलिस की इस पहल को सराहनीय बताया और कहा कि ऐसे अभियानों से समाज में अपराध पर अंकुश लग रहा है और महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ रहा है।
