अंबाला। सनातन धर्म कॉलेज द्वारा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और भविष्य की उद्यमिता में इसकी भूमिका विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यशाला की संसाधन व्यक्ति राशि बत्रा रहीं, जिन्होंने अपने प्रभावशाली व्याख्यान के माध्यम से छात्रों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मूल अवधारणाओं, वर्तमान उपयोगों और भविष्य में उद्यमिता के क्षेत्र में इसके व्यापक अवसरों से अवगत कराया। कार्यशाला के दौरान राशि बत्रा ने बताया कि किस प्रकार एआई तकनीक स्टार्टअप्स, बिजनेस मॉडल, मार्केटिंग, कस्टमर सपोर्ट, डेटा एनालिटिक्स और आॅटोमेशन जैसे क्षेत्रों में क्रांतिकारी परिवर्तन ला रही है। उन्होंने उदाहरणों के माध्यम से समझाया कि एआई आधारित टूल्स और समाधान किस तरह से युवा उद्यमियों को कम संसाधनों में अधिक प्रभावी और नवोन्मेषी व्यवसाय शुरू करने में सहायता कर सकते हैं। साथ ही, उन्होंने छात्रों को भविष्य की नौकरियों और स्वरोजगार के लिए आवश्यक डिजिटल कौशल विकसित करने पर भी जोर दिया। इस अवसर पर कॉलेज के विभिन्न विभागों के अनेक छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। छात्रों ने कार्यशाला को अत्यंत ज्ञानवर्धक बताते हुए एआई से संबंधित अपने प्रश्न पूछे और व्यावहारिक दृष्टिकोण को समझने का अवसर प्राप्त किया। संवादात्मक सत्र के दौरान छात्रों में विशेष उत्साह देखने को मिला। कार्यक्रम के समापन सत्र में कॉलेज की प्राचार्या डॉ अलका शर्मा ने अपने संबोधन में कहा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आज के समय की आवश्यकता है और आने वाले वर्षों में यह उद्यमिता एवं रोजगार के नए आयाम स्थापित करेगा। इस प्रकार की कार्यशालाएँ छात्रों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने और उन्हें नवाचार की ओर प्रेरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने संसाधन व्यक्ति राशि बत्रा एवं आयोजन समिति को इस सफल कार्यक्रम के लिए बधाई दी। कार्यशाला का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। यह आयोजन छात्रों के लिए न केवल तकनीकी ज्ञानवर्धन का माध्यम बना, बल्कि उन्हें तकनीक आधारित उद्यमिता की दिशा में सोचने और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित भी किया।