अक्टूबर माह को राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा जागरूकता माह के रूप में मनाया जा रहा है। इसी कड़ी में अंबाला पुलिस ने व्यापक Cybercrime जागरूकता अभियान शुरू किया है। पुलिस अधीक्षक अजीत सिंह शेखावत के मार्गदर्शन में जिला साइबर अपराध पुलिस लोगों को ऑनलाइन ठगी से बचाव के तरीके बता रही है।

इस अभियान का उद्देश्य विद्यार्थियों, आम नागरिकों, व्यापारियों और अन्य वर्गों को बढ़ते साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करना है। पुलिस लोगों को डिजिटल लेन-देन के दौरान सावधानी बरतने की जानकारी भी दे रही है।

‘रुकें, सोचें और कार्रवाई करें’ है अभियान की थीम

अंबाला पुलिस के अभियान की मुख्य थीम “STOP – THINK – TAKE ACTION” रखी गई है। इसके तहत लोगों को किसी भी संदिग्ध स्थिति में तुरंत प्रतिक्रिया देने के बजाय सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।

STOP: किसी भी संदिग्ध कॉल, संदेश या लेन-देन की स्थिति में तुरंत रुकें।

THINK: अनजान कॉल, लिंक, संदेश और भुगतान संबंधी अनुरोध की अच्छी तरह जांच करें।

TAKE ACTION: साइबर ठगी होने पर बिना देरी किए राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत करें।

इन साइबर अपराधों से सावधान रहने की अपील

अंबाला पुलिस ने लोगों को डिजिटल अरेस्ट, ऑनलाइन निवेश धोखाधड़ी और बैंकिंग ठगी से सावधान रहने को कहा है। इसके अलावा फर्जी ग्राहक सेवा, फिशिंग, ओटीपी और केवाईसी धोखाधड़ी से भी सतर्क रहने की अपील की गई है।

फर्जी वीडियो कॉल और संदिग्ध एपीके फाइल डाउनलोड से भी बचने की सलाह दी गई है। पुलिस ने कहा कि साइबर ठग नए-नए तरीकों से लोगों को निशाना बना रहे हैं।

‘गोल्डन ऑवर’ में 1930 पर करें शिकायत

अंबाला शहर के हारट्रॉन शिक्षण संस्थान में आयोजित सेमिनार में साइबर विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को साइबर ठगी से बचने के व्यावहारिक तरीके बताए।

सहायक उप निरीक्षक फकीर चंद, मुख्य सिपाही नवदीप और बबीत कौशल ने विद्यार्थियों को महत्वपूर्ण जानकारी दी।

पुलिस ने बताया कि साइबर ठगी के तुरंत बाद का शुरुआती समय ‘गोल्डन ऑवर’ माना जाता है। इस दौरान 1930 पर शिकायत करने से ठगी की रकम को आगे ट्रांसफर होने से रोकने की संभावना बढ़ जाती है।

पुलिस और बैंकिंग संस्थान संदिग्ध खाते पर तत्काल रोक लगाने का प्रयास कर सकते हैं। इससे ठगी गई रकम की बरामदगी की संभावना भी बढ़ सकती है।

साइबर ठगी होने पर घबराएं नहीं

अंबाला पुलिस ने लोगों से अपील की है कि साइबर ठगी का शिकार होने पर डरें या शर्माएं नहीं। ऐसी स्थिति में तुरंत 1930 पर संपर्क करें।

इसके साथ ही ठगी से जुड़े सभी साक्ष्यों को सुरक्षित रखना भी जरूरी है। इसमें ठगों के मोबाइल नंबर, व्हाट्सऐप चैट, स्क्रीनशॉट, लेन-देन की जानकारी और बैंक विवरण शामिल हैं।

ओटीपी, पिन और बैंक विवरण किसी से साझा न करें

पुलिस ने लोगों को अपनी गोपनीय जानकारी सुरक्षित रखने की सलाह दी है। किसी अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी, पिन, सीवीवी, बैंक विवरण या पासवर्ड साझा नहीं करना चाहिए।

किसी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से भी बचना चाहिए। किसी के कहने पर एपीके फाइल या रिमोट एक्सेस वाला कोई ऐप भी डाउनलोड नहीं करना चाहिए।

पुलिस ने फर्जी अधिकारियों से भी सावधान रहने को कहा है। ठग पुलिस, अदालत या सरकारी अधिकारी बनकर वीडियो कॉल कर सकते हैं। ऐसे किसी दबाव में आकर पैसे नहीं भेजने चाहिए।

पूरे अक्टूबर चलेगा जागरूकता अभियान

अंबाला पुलिस का यह Cybercrime जागरूकता अभियान पूरे अक्टूबर माह में जारी रहेगा। स्कूलों, कॉलेजों, बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर लोगों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जाएगा।

किसी भी प्रकार की साइबर ठगी या संदिग्ध ऑनलाइन लेन-देन होने पर तुरंत 1930 पर शिकायत करें। ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराने के लिए  Cyber Crime Portal का भी इस्तेमाल किया जा सकता है।