हरियाणा के कैथल जिले में एक स्थानीय परिवार ने गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि दो परिवारों के बीच चल रहे अंतरजातीय रिश्ते के पुराने विवाद के चलते उन्हें उनके ही घर और व्यावसायिक प्रतिष्ठान में धमकाया गया, डराया-धमकाया गया और संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया। परिवार का यह भी आरोप है कि घटना की शिकायत दर्ज कराने के बावजूद स्थानीय पुलिस ने न तो प्रभावी कार्रवाई की और न ही उन्हें आवश्यक सुरक्षा प्रदान की।

क्या है पूरा मामला

परिवार के अनुसार, 14 सितम्बर 2025 को लक्ष्मण बाटवाल कई अन्य लोगों के साथ उनके घर पर पहुंचे और वहां से सीधे परिवार के व्यावसायिक परिसर की ओर बढ़े। आरोप है कि इस दौरान समूह ने परिवार के सदस्यों से बार-बार यह पूछा कि उनका बेटा साहिल शर्मा कब भारत वापस लौटेगा। परिवार का कहना है कि पूछताछ के साथ-साथ धमकियां भी दी गईं।यह कहा गया कि यदि साहिल भारत लौटा तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।

परिवार का आरोप है कि इस दौरान समूह के सदस्यों ने हंगामा खड़ा किया और आक्रोश में आकर घर व दुकान परिसर में मौजूद संपत्ति को नुकसान पहुंचाया। इस पूरे घटनाक्रम से परिवार के सदस्य भयभीत हो गए और उन्होंने तुरंत इसकी शिकायत नजदीकी पुलिस थाने में दर्ज कराने का फैसला किया।

पुराने विवाद की पृष्ठभूमि

परिवार के मुताबिक, यह ताजा घटना कोई अलग-थलग मामला नहीं है, बल्कि इसकी जड़ें एक पुराने पारिवारिक विवाद में हैं। यह विवाद साहिल शर्मा और शेली बाटवाल (जो लक्ष्मण बाटवाल की बेटी हैं) के बीच पूर्व में रहे रिश्ते से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है। यह रिश्ता दो अलग-अलग जातीय पृष्ठभूमि के परिवारों के बीच था, जिसके चलते दोनों पक्षों के बीच पहले भी तनाव और विवाद की स्थिति बन चुकी थी।

परिवार का कहना है कि उस समय भी इस मुद्दे को लेकर दोनों परिवारों के बीच बातचीत और विवाद के प्रयास हुए थे, लेकिन मामला पूरी तरह सुलझ नहीं पाया। अब ताजा घटना ने इस पुराने विवाद को फिर से सुर्खियों में ला दिया है।

पुलिस में शिकायत और असंतोष

घटना के तुरंत बाद शर्मा परिवार के सदस्यों ने स्थानीय पुलिस थाने पहुंचकर धमकी, डराने-धमकाने और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की विस्तृत शिकायत दर्ज कराई। परिवार ने पुलिस से अनुरोध किया था कि उन्हें और उनके बेटे साहिल को आगे किसी भी प्रकार के खतरे से बचाने के लिए समुचित सुरक्षा प्रदान की जाए, क्योंकि उन्हें आशंका थी कि धमकियां आगे भी जारी रह सकती हैं।

हालांकि, परिवार का आरोप है कि शिकायत दर्ज होने के बावजूद पुलिस की ओर से अपेक्षित और प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। परिवार का कहना है कि उन्हें जिस तत्परता और सुरक्षा की उम्मीद थी, वह उन्हें पुलिस प्रशासन से नहीं मिली, जिसके चलते उनका असंतोष और भय दोनों बढ़ गए हैं।

राजनीतिक प्रभाव का आरोप

परिवार ने एक और गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि लक्ष्मण बाटवाल की क्षेत्र में राजनीतिक पकड़ और प्रभाव है, और परिवार का मानना है कि इसी प्रभाव के चलते पुलिस ने उनकी शिकायत पर वह कार्रवाई नहीं की जो की जानी चाहिए थी। परिवार का कहना है कि इस तरह के प्रभाव के कारण उन्हें न्याय मिलने में दिक्कत हो रही है और वे खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।

साहिल शर्मा की सुरक्षा को लेकर चिंता

रिपोर्ट के अनुसार, साहिल शर्मा फिलहाल भारत से बाहर हैं। परिवार को गहरी चिंता है कि यदि वह भारत लौटते हैं, तो उन्हें गंभीर शारीरिक नुकसान पहुंचाया जा सकता है, जैसा कि कथित तौर पर धमकी के दौरान कहा गया था। इसी आशंका के चलते परिवार बार-बार प्रशासन से सुरक्षा और हस्तक्षेप की गुहार लगा रहा है।

परिवार की मांग

पीड़ित परिवार ने संबंधित उच्च अधिकारियों से अपील की है कि:

  • घटना में हुई धमकियों, हिंसा और संपत्ति के नुकसान की निष्पक्ष और गहन जांच की जाए।
  • परिवार और साहिल शर्मा को समुचित पुलिस सुरक्षा प्रदान की जाए।
  • यदि किसी प्रभावशाली व्यक्ति के दबाव में पुलिस कार्रवाई प्रभावित हुई है, तो उसकी भी जांच हो।

ऐसे मामलों में आमतौर पर पीड़ित परिवार के पास यह विकल्प भी होता है कि यदि स्थानीय थाना स्तर पर कार्रवाई न हो, तो वे वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों (एसपी/डीजीपी) या संबंधित उच्च न्यायालय का रुख कर सुरक्षा और निष्पक्ष जांच की मांग कर सकते हैं।

स्पष्टीकरण

इस रिपोर्ट में दी गई सभी जानकारी और आरोप पूरी तरह से पीड़ित परिवार द्वारा दिए गए बयानों पर आधारित हैं। इन आरोपों की अभी तक स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और इन्हें संबंधित पुलिस प्रशासन तथा अन्य सक्षम प्राधिकारियों द्वारा जांच के बाद ही सत्यापित किया जाना चाहिए। दूसरे पक्ष (लक्ष्मण बाटवाल और उनके परिवार) का इस मामले पर क्या रुख है, इस रिपोर्ट में शामिल नहीं है, क्योंकि उनकी प्रतिक्रिया अभी उपलब्ध नहीं है।