अंबाला। अंबाला छावनी स्थित सनातन धर्म कॉलेज के लीगल लिटरेसी सेल द्वारा विद्यार्थियों के लिए जल प्रदूषण एवं स्वच्छ पेयजल तक पहुंच से संबंधित कानूनी अधिकार एवं जिम्मेदारियां विषय पर एक जागरूकता सत्र का आयोजन किया गया। इस सत्र का उद्देश्य छात्रों को पर्यावरण संरक्षण, विशेष रूप से जल संसाधनों की सुरक्षा तथा स्वच्छ पेयजल के अधिकार के प्रति जागरूक बनाना था। यह कार्यक्रम प्राचार्या डॉ अलका शर्मा के कुशल नेतृत्व और विधिक सेवा प्रकोष्ठ के संयोजक डॉ जोगिंदर रोहिल्ला के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता एडवोकेट बलराम रहे, जिन्होंने विद्यार्थियों को जल प्रदूषण से जुड़े कानूनी प्रावधानों, नागरिकों के अधिकारों तथा उनकी जिम्मेदारियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि स्वच्छ पेयजल तक पहुंच प्रत्येक नागरिक का मूल अधिकार है और इसके संरक्षण में सभी की भागीदारी आवश्यक है। एडवोकेट बलराम ने विभिन्न उदाहरणों और वर्तमान परिप्रेक्ष्य के माध्यम से यह समझाया कि किस प्रकार जल प्रदूषण समाज और स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है तथा इससे निपटने के लिए कानून किस प्रकार कार्य करता है। उन्होंने इस अवसर पर जिला विधिक सेवा के महत्व के बारे में भी बताया। नागरिकों के लिए उनके अधिकारों को सुरक्षित रखने लिए और शोषण के विरुद्ध कानूनी प्रावधानों के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी। प्राचार्या डॉ अलका शर्मा ने बताया कि युवाओं को अपने कानूनी अधिकारों और सामाजिक विषयों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से महाविद्यालय में लीगल लिटरेसी सेल द्वारा अनेक प्रकार के कार्यक्रम आयोजित करवाएं जाते हैं। इस अवसर पर लीगल लिटरेसी सेल के संयोजक डॉ. जोगिंदर रोहिल्ला ने भी विद्यार्थियों को स्वच्छ जल के प्रयोग के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि आज हमें जल संसाधनों को बचाने के लिए गंभीर प्रयास करने की आवश्यकता है और देश के सतत् विकास में अपना योगदान देना चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि आज भारत विश्व की लगभग 18% जनसंख्या का प्रतिनिधित्व करता है, जबकि हमारे पास विश्व के केवल लगभग 4% जल संसाधन ही उपलब्ध हैं। इसलिए जल का संरक्षण और उसका समुचित उपयोग अत्यंत आवश्यक है। डॉ. जोगिंदर रोहिल्ला ने विद्यार्थियों से आहवान किया कि वे जल को प्रदूषित होने से बचाएं तथा भूमिगत जल स्तर को बनाए रखने के लिए वर्षा जल संचयन जैसे उपायों को अपनाएं। इस अवसर पर एन एस एस, एन सी सी और अन्य संकायों के विद्यार्थियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया और विधिक विषयों में रुचि दिखाते हुए अपने प्रश्नों के माध्यम से विषय की गहन जानकारी प्राप्त की। इस अवसर पर डॉ. जोगिंदर रोहिल्ला, प्रो हरविंदर सिंह और डॉ पूजा शर्मा भी उपस्थित रहे। उन्होंने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए इस प्रकार के कार्यक्रमों की उपयोगिता पर बल दिया। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसमें आयोजकों ने मुख्य वक्ता, संकाय सदस्यों एवं सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। कॉलेज प्रवक्ता डॉक्टर लीना गोयल ने कार्यक्रम की सफलता पर सभी को बधाई दी।