अंबाला। सनातन धर्म महाविद्यालय, अंबाला छावनी, की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाइयों द्वारा डिजिटल साक्षरता युवाओं को उनके स्मार्ट भविष्य के लिए सशक्त बनाना विषय पर एक दिवसीय शिविर का आयोजन गाँव रामगढ़ माजरा में किया गया। शिविर का उद्देश्य ग्रामीण युवाओं को डिजिटल ज्ञान से जोड़ते हुए उन्हें आत्मनिर्भर और जागरूक बनाना था। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रात: योग एवं जुम्बा सत्र के साथ हुआ, जिसमें स्वयंसेवकों और ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। योगाभ्यास के उपरांत एनएसएस स्वयंसेवकों ने गांव में ह्लयोग अपनाओ, बीमारी भगाओह्व विषय पर जागरूकता रैली निकाली और स्वस्थ जीवनशैली का संदेश दिया। कार्यक्रम अधिकारी डॉ. आरती ने बच्चों को संबोधित करते हुए शिक्षा और अनुशासन के महत्व पर प्रकाश डाला। वहीं महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. अल्का शर्मा ने प्रेरणादायक संदेश देते हुए कहा, डिजिटल युग में आगे बढ़ने के लिए ज्ञान और तकनीक दोनों का संतुलन आवश्यक है; युवा यदि ठान लें तो वे अपने स्मार्ट भविष्य का निर्माण स्वयं कर सकते हैं। शिविर के दौरान एनएसएस स्वयंसेवकों द्वारा गांव में पौधारोपण भी किया गया, जिससे पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। भोजनावकाश के पश्चात स्वयंसेवक कशिश एवं खुशी ने मनी वर्सेस पैशन विषय पर पीपीटी के माध्यम से अपने करियर चयन के विभिन्न आयामों पर विचार साझा किए गए। स्वयंसेवक प्रद्युम्न ने सभी के समक्ष कविता पाठ कर वातावरण को उत्साहपूर्ण बना दिया। तत्पश्चात कार्यक्रम अधिकारी डॉ. गिरधर गोपाल ने डिजिटल साक्षरता के महत्व पर अपना व्याख्यान देते हुए आॅनलाइन सुरक्षा, डिजिटल भुगतान और साइबर जागरूकता पर विस्तार से जानकारी दी। सांध्यकालीन सत्र के दौरान बच्चों ने खेलकूद प्रतियोगिताओं का आनंद लिया। कार्यक्रम के अंत में कार्यक्रम अधिकारी डॉ. मोहित बिंदलिश ने सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए युवाओं को भविष्य में भी इस प्रकार की सामाजिक गतिविधियों में बढ़-चढ़कर भाग लेने के लिए प्रेरित किया। शिविर को सफल बनाने में अंशुल, खुशी, अनिरुद्ध, तरुण, विवेक, गौरिश, दिशा, हिताक्षी, श्रुति एवं अन्य सभी स्वयंसेवकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।