मनोहर मेमोरियल शिक्षण संस्थान में आयोजित सात दिवसीय एनएसएस के विशेष शिविर के दूसरे दिन ‘महिला एवं बाल जागरूकता’ विषय पर विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस सत्र का मुख्य उद्देश्य स्वयंसेवकों को समाज के संवेदनशील वर्गों के अधिकारों और उनकी सुरक्षा के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में बाल कल्याण समिति, जिला फतेहाबाद की चेयरपर्सन एवं कॉलेज की पूर्व छात्रा रही चारू चौधरी को आमंत्रित किया गया। चारु चौधरी ने अपने व्याख्यान में घरेलू हिंसा, बच्चों की सुरक्षा एवं कानूनी अधिकारों जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर प्रकाश डाला।
उन्होंने घरेलू हिंसा की परिभाषा स्पष्ट करते हुए बताया कि यह केवल शारीरिक नहीं, बल्कि मानसिक और आर्थिक भी हो सकती है। उन्होंने घरेलू हिंसा से संरक्षण अधिनियम, 2005 के तहत महिलाओं को मिलने वाली कानूनी सुरक्षा और घरेलू हिंसा के कारण महिलाओं और बच्चों पर पडऩे वाले सामाजिक व मानसिक प्रभावों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। बाल शोषण और बाल श्रम जैसी कुरीतियों पर प्रहार करते हुए उन्होंने बच्चों के संवैधानिक अधिकारों के बारे में बताया। उन्होंने रेखांकित किया कि बच्चों की सुरक्षा में परिवार, समाज और शिक्षण संस्थानों की भूमिका प्राथमिक है। साथ ही सत्र के दौरान मुख्य वक्ता ने स्वयंसेवकों को संकट की स्थिति में कानूनी मदद लेने की प्रक्रिया और महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों से अवगत कराया गया। यह सत्र न केवल सूचनात्मक था, बल्कि इसमें शामिल स्वयंसेवकों के लिए प्रेरणादायक भी रहा। उपस्थित छात्राओं और स्वयंसेवकों ने विशेषज्ञों से अपनी शंकाओं का समाधान किया। कॉलेज प्रशासन ने इस बात पर जोर दिया कि इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम युवाओं को एक जिम्मेदार नागरिक बनाने में सहायक सिद्ध होते हैं।