जींद। सफीदों खंड के गांव ऐंचरा कलां में पंजाब पुलिस ने बुधवार को दबिश दी और अमेरिका में रहे लोरेंस बिशोई के गुर्गे रणदीप के आवास पर छापेमारी की। गत 19 जनवरी को रणदीप के खिलाफ अमीरखास जिला फाजिल्का में धमकी का मामला दर्ज हुआ था। उसी सिलसिले में पंजाब पुलिस रणदीप के पिता जगबीर तथा उसकी बहन से पूछताछ के लिए गांव पहुंची थी। पंजाब पुलिस ने लगभग चार घंटे तक उसके आवास पर डेरा डाले रखा। आसपास के लोगों से बातचीत की। गांव के दो अन्य लड़के भी डोंकी के रास्ते अमेरिका गए हुए हैं। उनके परिजनों से भी पूछताछ की लेकिन जगबीर तथा उसकी बेटी मोनिका नही मिले। हालांकि रणदीप पर गुरूग्राम में बम विस्फोट की साजिश में शामिल होने समेत जींद, कैथल, हिसार कुरुक्षेत्र में भी अपराधिक मामले दर्ज हैं। आरोपित अमेरिका से ही लोरेंस गंैग को आपरेट करता है। काफी लंबे समय से वह गांव नही लौटा है। शाम तक पंजाब पुलिस ने गांव में डेरा डाले रखा। पुलिस रणदीप के पिता तथा बहन से पूछताछ के सिलसिले में गांव पहुंची थी लेकिन दोनों उन्हें नही मिले। रणदीप पर पंजाब में धमकी देकर फिरौती मांगने का मामला दर्ज है।
गौरतलब है कि पंजाब पुलिस सफीदों से खालिस्तान से जुड़े आतंकी सफीदों निवासी कुलदीप को गत नौ जनवरी को पहले गिरफतार कर चुकी है। जो लगभग छह साल पहले अमेरिका से डिपोर्ट हुआ था। पूर्व में सफीदों निवासी बब्बर खालसा से जुडा रतनदीप भी आतंकी संगठन से जुडा रह चुका है। पंजाब पुलिस के अनुसार रणदीप लोरेंस गैंग को चला रहा है। फाजिल्का पंजाब पुलिस के डीएसपी अभिनाश चंद्र के नेतृत्व में पंजाब ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से गांव ऐंचराकलां निवासी रणदीप के आवास पर दस्तक दी। रणदीप डोंकी के रास्ते काफी समय पहले अमेरिका पहुंचा था। जिसके संबंध लोरेंस बिश्रोई गैंग से बहुत गहरे हंै। पंजाब पुलिस डीएसपी अविनाश चंद्र ने बताया कि रणदीप लोरेंस बिश्रोइ गंैग को आपरेट करता है। गत 19 जनवरी को धमक देकर फिरौती मांगने का मामला जिला फाजिल्का में दर्ज है। रणदीप अपनी बहन मोनिका के खाते में रुपये भेजता है। जो शादीशुदा है। जिसका फोन भी स्विच ऑफ है। जिसकी अंतिम लोकेशन गांव ऐंचरा कलां की मिली थी। जिनसे पूछताछ की जानी थी लेकिन बाप व बेटी गांव में नही मिले।
सदर थाना सफीदों प्रभारी राजेश कुमार ने बताया कि पंजाब पुलिस के डीएसपी के नेतृत्व में टीम गांव ऐंचरा कलां में पहुंची थी। यहां अमेरिका मे रह रहे लोरेंस गैंग के रणदीप के परिजनों से पूछताछ की जानी थी लेकिन काफी समय तक उसके परिजन नही मिले। टीम ने जो सहायता मांगी थी वो उपलब्ध करवा दी गई है।