हरियाणा सरकार व हरियाणा योग आयोग व आयुष विभाग के संयुक्त तत्वाधान में आयुष विभाग फतेहाबाद के अंतर्गत जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डॉ. प्रवीण शर्मा व जिला योग समन्वयक डॉक्टर भारती चौहान के निर्देशानुसार भट्टूकलां में सूर्य नमस्कार अभियान चलाया गया। 12 जनवरी स्वामी विवेकानंद की जयंती से प्रारंभ होकर 12 फरवरी महर्षि दयानंद जी की जयंती तक तीन महापुरुषों को समर्पित 30 दिवसीय इस राज्य स्तरीय सूर्य नमस्कार अभियान के तहत आज थाना भट्टू कलां में आयुष योग सहायक अनिल कुमार द्वारा सूर्य नमस्कार अभ्यास का प्रशिक्षण दिया गया।
थाना भट्टूकला के सभी कर्मचारी व अधिकारियों को सूर्य नमस्कार का अभ्यास करवाते हुए आयुष योग सहायक अनिल कुमार ने बताया कि सूर्य नमस्कार योग अभ्यास में गहरी आध्यात्मिक जड़ें रखता है। यह पारंपरिक रूप से सूर्योदय के समय किया जाता है, जिसमें सूर्य को ऊर्जा और जीवन के स्त्रोत के रूप में सम्मानित किया जाता है। यह अभ्यास शरीर, मन और आत्मा के बीच एक गहरा संबंध बनाता है, जो समग्र कल्याण को बढ़ावा देता है। उन्होंने बताया कि सूर्य नमस्कार का ध्यानात्मक पहलू आंतरिक शांति और संतुष्टि की भावना विकसित करने में मदद करता है। नियमित अभ्यास से आत्म-चिंतन और सचेतनता को बढ़ावा मिलता है, जिससे आत्म-जागरूकता और व्यक्तिगत विकास में वृद्धि होती है। इस अवसर पर उपस्थित आयुष योग सहायक सतबीर सिंह, संजय कुमार व उग्रसेन ने बताया कि जिस प्रकार सूर्य भगवान प्रकट होकर के धरती से सारा अंधकार दूर कर देते हैं उसी प्रकार सूर्य नमस्कार अभ्यास करने से शरीर में रोग रूपी अंधकार पूरी तरह नष्ट हो जाता है और हम स्वस्थ जीवन जी पाते हैं और स्वस्थ व्यक्ति ही उन्नत राष्ट्र का मजबूत स्तंभ होता है इस अवसर पर एसएचओ थाना भट्टूकलां राधेश्याम, एडिशनल एसएचओ महावीर सिंह, मुंशी इंद्रपाल सहित अनेक अधिकारी व कर्मचारियों ने भाग लिया। पुलिस कर्मचारियों ने इस बात की प्रतिबद्धता भी जताई कि वे दैनिक जीवन में भी सूर्य नमस्कार व योगअभ्यास को शामिल करके स्वयं स्वस्थ होंगे व आमजन को भी इसके लिए प्रेरित करेंगे।
थाना भट्टूकला के सभी कर्मचारी व अधिकारियों को सूर्य नमस्कार का अभ्यास करवाते हुए आयुष योग सहायक अनिल कुमार ने बताया कि सूर्य नमस्कार योग अभ्यास में गहरी आध्यात्मिक जड़ें रखता है। यह पारंपरिक रूप से सूर्योदय के समय किया जाता है, जिसमें सूर्य को ऊर्जा और जीवन के स्त्रोत के रूप में सम्मानित किया जाता है। यह अभ्यास शरीर, मन और आत्मा के बीच एक गहरा संबंध बनाता है, जो समग्र कल्याण को बढ़ावा देता है। उन्होंने बताया कि सूर्य नमस्कार का ध्यानात्मक पहलू आंतरिक शांति और संतुष्टि की भावना विकसित करने में मदद करता है। नियमित अभ्यास से आत्म-चिंतन और सचेतनता को बढ़ावा मिलता है, जिससे आत्म-जागरूकता और व्यक्तिगत विकास में वृद्धि होती है। इस अवसर पर उपस्थित आयुष योग सहायक सतबीर सिंह, संजय कुमार व उग्रसेन ने बताया कि जिस प्रकार सूर्य भगवान प्रकट होकर के धरती से सारा अंधकार दूर कर देते हैं उसी प्रकार सूर्य नमस्कार अभ्यास करने से शरीर में रोग रूपी अंधकार पूरी तरह नष्ट हो जाता है और हम स्वस्थ जीवन जी पाते हैं और स्वस्थ व्यक्ति ही उन्नत राष्ट्र का मजबूत स्तंभ होता है इस अवसर पर एसएचओ थाना भट्टूकलां राधेश्याम, एडिशनल एसएचओ महावीर सिंह, मुंशी इंद्रपाल सहित अनेक अधिकारी व कर्मचारियों ने भाग लिया। पुलिस कर्मचारियों ने इस बात की प्रतिबद्धता भी जताई कि वे दैनिक जीवन में भी सूर्य नमस्कार व योगअभ्यास को शामिल करके स्वयं स्वस्थ होंगे व आमजन को भी इसके लिए प्रेरित करेंगे।
