जींद। जुलाना क्षेत्र के ब्राह्मणवास गांव के पास प्रदेश भर के ट्रैक्टर चालकों की बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में आरटीओ विभाग द्वारा पराली से भरे ट्रैक्टरों के भारीभरकम चालान काटे जाने पर गहरा रोष प्रकट किया गया। ट्रैक्टर चालकों और किसानों ने इसे किसान विरोधी कार्रवाई करार देते हुए सरकार से तुरंत हस्तक्षेप की मांग की। बैठक को संबोधित करते हुए जनता सरकार मोर्चा के अध्यक्ष डा. देवेंद्र बल्हारा ने कहा कि सरकार एक ओर पराली जलाने पर पूरी तरह से रोक लगा रही है ताकि पर्यावरण को नुकसान न पहुंचे लेकिन दूसरी ओर किसान जब पराली को एकत्रित कर बेचने के लिए ट्रैक्टरों के माध्यम से ले जाता है तो आरटीओ द्वारा 40 से 50 हजार रुपये तक के भारी चालान काट दिए जाते हैं। उन्होंने कहा कि यह दोहरी नीति किसानों और ट्रैक्टर चालकों को आर्थिक रूप से कमजोर करने का काम कर रही है। देवेंद्र बल्हारा ने बताया कि चालकों से जबरन शपथ पत्र भी लिए जा रहे हैं कि वे दोबारा ओवरलोड ट्रैक्टर नहीं चलाएंगे, जबकि पराली ढुलाई किसानों की मजबूरी और रोजगार का साधन है। उन्होंने कहा कि किसान देश का अन्नदाता है और सरकार द्वारा बनाए जा रहे नियम, कानून किसानों की परेशानियां बढ़ा रहे हैं। पराली के सहारे कई लोगों का रोजगार चलता है। किसान पराली बेचकर कुछ आमदनी करता है और मजदूरों व ट्रैक्टर चालकों को भी काम मिलता है लेकिन इस तरह की सख्त कार्रवाई से लोगों का रोजगार छिन रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार रोजगार देने के बजाय लोगों के रोजगार पर लात मारने का काम कर रही है।
ट्रैक्टर चालकों ने चेतावनी दी कि यदि आरटीओ की यह कार्रवाई नहीं रोकी गई और चालानों में राहत नहीं दी गई तो प्रदेश स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।
ट्रैक्टर चालकों ने चेतावनी दी कि यदि आरटीओ की यह कार्रवाई नहीं रोकी गई और चालानों में राहत नहीं दी गई तो प्रदेश स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।
