राष्ट्रीय सडक़ सुरक्षा माह के अंतर्गत आज परिवहन विभाग एवं पुलिस विभाग द्वारा अनाज मंडी मोहरा में यातायात नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से एक विशेष जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर जिला परिवहन अधिकारी (डीटीओ) अंबाला सुशील कुमार तथा एसएचओ ट्रैफिक जोगिंदर सिंह ने उपस्थित प्रतिभागियों को यातायात नियमों, यातायात अनुशासन तथा सडक़ पर स्वयं एवं अन्य नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में आमजन की जिम्मेदारियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।शिविर में मोटर वाहन निरीक्षक (एमवीआई) अंबाला अनिल कुमार ने वाहनों के नियमित एवं उचित रखरखाव के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इससे न केवल वाहन की लाईफ बढ़ती है, बल्कि तकनीकी खराबी के कारण होने वाली सडक़ दुर्घटनाओं की संभावनाएं भी कम होती हैं।
कार्यक्रम में लगभग 140 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया तथा यातायात नियमों की जानकारी प्राप्त कर उनका ईमानदारी से पालन करने का संकल्प भी लिया। शिविर के दौरान प्रतिभागियों को तेज गति से व नशे की हालत में वाहन न चलाने, सीट बेल्ट एवं हेलमेट का अनिवार्य उपयोग, लेन अनुशासन का पालन, ओवरलोडिंग से बचाव, समय पर वाहन टैक्स व प्रदूषण जांच, बीमा करवाने, प्रेशर हॉर्न के प्रयोग से बचने, जेबरा क्रॉसिंग, आपातकालीन वाहनों को रास्ता देने तथा हाई बीम व प्रतिबंधित फैंसी लाइट के उपयोग से होने वाले खतरों के बारे में जागरूक किया गया।
उन्होंने जानकारी के क्रम में कहा कि तेज गति से गाड़ी न चलाएं, गाडी हमेशा निर्धारित गति सीमा में ही चलाएं। नशे की हालत में या नशीली दवाओं के सेवन की हालत में गाड़ी न चलाएं। चार पहिया वाहन या ऐसे अन्य वाहनों में यात्रा करते समय हमेशा सीट बेल्ट प्रयोग अवश्य करें। सीट बेल्ट एयर बैग के साथ इंटीग्रेटेड होते हैं। एयर बैग के मैकेनिज्म में यह एक शर्त है कि अगर सीट बेल्ट का इस्तेमाल किया जा रहा है तो ही ये काम करेंगे। इस प्रकार किसी भी दुखद दुर्घटना की स्थिति में एयर बैग द्वारा सुरक्षा के लिए सीट बेल्ट का उपयोग बहुत जरूरी है।
उन्होंने कहा कि दोपहिया वाहन चलाते या सवारी करते समय हमेशा हेलमेट पहनें। इसका उल्लंघन करने पर जुर्माने के अलावा ड्राइविंग लाइसेंस तीन महीने के लिए सस्पेंड किया जा सकता है। गाडी चलाते समय अपनी लाईन का विशेष ध्यान रखें और हमेशा अपनी लेन में ही गाड़ी चलाएं। सबसे धीमी गति से चलने वाला वाहन सबसे बाईं लेन में चलेगा। सबसे दाईं लेन विशेष रूप से तेज गति वाले वाहनों द्वारा ओवरटेक करने के लिए है, जहाँ सडक़ डिजाइन और सडक़ मार्किंग द्वारा इसकी अनुमति है। पुलों या ऐसे अन्य दुर्घटना संभावित क्षेत्रों, निर्माण क्षेत्रों, स्कूल सुरक्षा क्षेत्रों आदि पर कभी भी ओवरटेक करने की कोशिश न करें। ओवरलोड गाडी कभी भी न ले जाएं क्योंकि यह न केवल हमारी सडक़ों को नुकसान पहुंचाता है बल्कि दुर्घटनाओं का एक प्रमुख कारण भी है। ऐसे वाहन के भारी मोमेंटम के लिए रुकने के लिए बहुत अधिक दूरी की आवश्यकता होती है, मोड़ों पर संतुलन बिगड़ सकता है। ऐसे वाहनों का परमिट जुर्माने के अलावा तीन महीने के लिए सस्पेंड किया जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि वाहन मालिकों को अपने वाहनों का प्रदूषण के लिए समय पर निरीक्षण करवाना चाहिए ताकि उनके इंजनों को किसी भी बड़े आंतरिक नुकसान से बचा जा सके और सभी के लिए पर्यावरण को साफ रखने में मदद मिल सके। इसके साथ-साथ उन्होंने वाहन मालिकों से यह भी आग्रह किया गया कि वे जुर्माने और ब्याज से बचने के लिए समय पर अपना बकाया टैक्स जमा करें और राष्ट्र निर्माण में अपने प्रयासों को स्वीकार करें। समय पर टैक्स जमा न करने पर कम से कम बीस हजार रुपये का जुर्माना लगाया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि किसी भी गंभीर इमरजेंसी की स्थिति में अपने रिपेयर खर्च को कम करने के लिए हमेशा अपने वाहनों का बीमा करवाएं। अस्पतालों के पास, बस स्टैंड पर, स्कूलों के पास आदि जगहों पर कभी भी प्रेशर हॉर्न न बजाएं। पैदल चलने वालों के सुचारू आवागमन के लिए जेबरा क्रॉसिंग से पहले स्टॉप लाइन पर हमेशा अपने वाहन रोकें। एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड, अन्य आपदा प्रतिक्रिया वाहनों जैसे आपातकालीन वाहनों को सुरक्षित रास्ता देना कभी न भूलें। हाई बीम लाइट या ऐसी अन्य प्रतिबंधित फैंसी लाइट का उपयोग न करें। इससे सामने से आने वाले वाहन चालकों को अंधापन जैसी स्थिती उत्पन्न हो सकती है, जिससे जानलेवा दुर्घटनाएं हो सकती हैं। उन्होंने आमजन से अपील की कि वे यातायात नियमों का पालन कर स्वयं सुरक्षित रहें तथा दूसरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में सहयोग दें, ताकि सडक़ दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके।
इस अवसर पर जिला परिवहन अधिकारी (डीटीओ) अंबाला सुशील कुमार तथा एसएचओ ट्रैफिक जोगिंदर सिंह ने उपस्थित प्रतिभागियों को यातायात नियमों, यातायात अनुशासन तथा सडक़ पर स्वयं एवं अन्य नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में आमजन की जिम्मेदारियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।शिविर में मोटर वाहन निरीक्षक (एमवीआई) अंबाला अनिल कुमार ने वाहनों के नियमित एवं उचित रखरखाव के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इससे न केवल वाहन की लाईफ बढ़ती है, बल्कि तकनीकी खराबी के कारण होने वाली सडक़ दुर्घटनाओं की संभावनाएं भी कम होती हैं।
कार्यक्रम में लगभग 140 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया तथा यातायात नियमों की जानकारी प्राप्त कर उनका ईमानदारी से पालन करने का संकल्प भी लिया। शिविर के दौरान प्रतिभागियों को तेज गति से व नशे की हालत में वाहन न चलाने, सीट बेल्ट एवं हेलमेट का अनिवार्य उपयोग, लेन अनुशासन का पालन, ओवरलोडिंग से बचाव, समय पर वाहन टैक्स व प्रदूषण जांच, बीमा करवाने, प्रेशर हॉर्न के प्रयोग से बचने, जेबरा क्रॉसिंग, आपातकालीन वाहनों को रास्ता देने तथा हाई बीम व प्रतिबंधित फैंसी लाइट के उपयोग से होने वाले खतरों के बारे में जागरूक किया गया।
उन्होंने जानकारी के क्रम में कहा कि तेज गति से गाड़ी न चलाएं, गाडी हमेशा निर्धारित गति सीमा में ही चलाएं। नशे की हालत में या नशीली दवाओं के सेवन की हालत में गाड़ी न चलाएं। चार पहिया वाहन या ऐसे अन्य वाहनों में यात्रा करते समय हमेशा सीट बेल्ट प्रयोग अवश्य करें। सीट बेल्ट एयर बैग के साथ इंटीग्रेटेड होते हैं। एयर बैग के मैकेनिज्म में यह एक शर्त है कि अगर सीट बेल्ट का इस्तेमाल किया जा रहा है तो ही ये काम करेंगे। इस प्रकार किसी भी दुखद दुर्घटना की स्थिति में एयर बैग द्वारा सुरक्षा के लिए सीट बेल्ट का उपयोग बहुत जरूरी है।
उन्होंने कहा कि दोपहिया वाहन चलाते या सवारी करते समय हमेशा हेलमेट पहनें। इसका उल्लंघन करने पर जुर्माने के अलावा ड्राइविंग लाइसेंस तीन महीने के लिए सस्पेंड किया जा सकता है। गाडी चलाते समय अपनी लाईन का विशेष ध्यान रखें और हमेशा अपनी लेन में ही गाड़ी चलाएं। सबसे धीमी गति से चलने वाला वाहन सबसे बाईं लेन में चलेगा। सबसे दाईं लेन विशेष रूप से तेज गति वाले वाहनों द्वारा ओवरटेक करने के लिए है, जहाँ सडक़ डिजाइन और सडक़ मार्किंग द्वारा इसकी अनुमति है। पुलों या ऐसे अन्य दुर्घटना संभावित क्षेत्रों, निर्माण क्षेत्रों, स्कूल सुरक्षा क्षेत्रों आदि पर कभी भी ओवरटेक करने की कोशिश न करें। ओवरलोड गाडी कभी भी न ले जाएं क्योंकि यह न केवल हमारी सडक़ों को नुकसान पहुंचाता है बल्कि दुर्घटनाओं का एक प्रमुख कारण भी है। ऐसे वाहन के भारी मोमेंटम के लिए रुकने के लिए बहुत अधिक दूरी की आवश्यकता होती है, मोड़ों पर संतुलन बिगड़ सकता है। ऐसे वाहनों का परमिट जुर्माने के अलावा तीन महीने के लिए सस्पेंड किया जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि वाहन मालिकों को अपने वाहनों का प्रदूषण के लिए समय पर निरीक्षण करवाना चाहिए ताकि उनके इंजनों को किसी भी बड़े आंतरिक नुकसान से बचा जा सके और सभी के लिए पर्यावरण को साफ रखने में मदद मिल सके। इसके साथ-साथ उन्होंने वाहन मालिकों से यह भी आग्रह किया गया कि वे जुर्माने और ब्याज से बचने के लिए समय पर अपना बकाया टैक्स जमा करें और राष्ट्र निर्माण में अपने प्रयासों को स्वीकार करें। समय पर टैक्स जमा न करने पर कम से कम बीस हजार रुपये का जुर्माना लगाया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि किसी भी गंभीर इमरजेंसी की स्थिति में अपने रिपेयर खर्च को कम करने के लिए हमेशा अपने वाहनों का बीमा करवाएं। अस्पतालों के पास, बस स्टैंड पर, स्कूलों के पास आदि जगहों पर कभी भी प्रेशर हॉर्न न बजाएं। पैदल चलने वालों के सुचारू आवागमन के लिए जेबरा क्रॉसिंग से पहले स्टॉप लाइन पर हमेशा अपने वाहन रोकें। एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड, अन्य आपदा प्रतिक्रिया वाहनों जैसे आपातकालीन वाहनों को सुरक्षित रास्ता देना कभी न भूलें। हाई बीम लाइट या ऐसी अन्य प्रतिबंधित फैंसी लाइट का उपयोग न करें। इससे सामने से आने वाले वाहन चालकों को अंधापन जैसी स्थिती उत्पन्न हो सकती है, जिससे जानलेवा दुर्घटनाएं हो सकती हैं। उन्होंने आमजन से अपील की कि वे यातायात नियमों का पालन कर स्वयं सुरक्षित रहें तथा दूसरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में सहयोग दें, ताकि सडक़ दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके।
