उपायुक्त अजय सिंह तोमर ने बताया कि जिला अंबाला में धान की कटाई एवं जीरी के बाद खेतो में पड़े अवशेष जलाने पर पूर्णत: प्रतिबंध लगाया गया है। इसके लिए बकायदा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत आदेश भी जारी किए गए है। उपायुक्त ने संबधित विभागों के अधिकारियों की एक बैठक लेकर उन्हें स्पष्ट निर्देश दिए है कि जिले में पराली जलाने व अवशेष जलाने की घटना नहीं होनी चाहिए। संबधित अधिकारी फील्ड में सर्तक होकर इस विषय बारे किसानों व आमजन को जागरूक करना सुनिश्चित करे। उन्होंने यह भी बताया कि जिले के 429 गांवों में फसल अवशेष प्रबंधन हेतू 693 कर्मचारियों की डूयटी भी लगाई गई है। इसके साथ-साथ ब्लाक लेवल, ग्रामीण लेवल पर तथा जिला स्तर पर कमेटी भी गठित की हुई है। मकसद खेतों में पड़े अवशेष नहीं जलने देने है। उपायुक्त ने यह भी कहा कि पटवारी, ग्राम सचिव तथा कृषि विभाग के संबधित अधिकारी इस विषय को लेकर ग्रामीणों एवं किसानो को जागरूक करना सुनिश्चित करे। उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी को भी निर्देश दिए है कि स्कूलों में प्रार्थना सभा के दौरान इस विषय को लेकर विधार्थियों को भी जागरूक करने बारे कहा है ताकि विधार्थी भी अपने घर व आसपास रहने वाले लोगों को इस बारे जानकारी दे सके। उन्होंने मंडी सचिव को भी निर्देश दिए कि वे अपनी-अपनी मंडियों में फसल अवशेष प्रबंधन के तहत बड़े बोर्ड चस्पा करवाना सुनिश्चत करवाए ताकि मंडी में आने वाले किसानों को भी जानकारी मिल सके। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि कोई पंजीकृत किसान खेतों में अवशेष जलाते हुए पाए गया तो दो वर्ष तक उनकी फसलों की सरकारी खरीद नही की जाएगी।उपायुक्त ने यह भी बताया कि पराली एवं खेतों में अवशेष जलने से जहां वातावरण प्रदूषित होता है वही मानव जीवन पर भी इसका दुष्प्रभाव पड़ता है। खेतो मे अवशेष जलने से भूमि में जो मित्र कीट होते है वह भी नष्ट हो जाते है तथा भूमि की ऊर्वरक शक्ति भी कमजोर हो जाती है। उन्होंने सभी किसानों से आग्रह किया कि वह खेतों में अवशेषों को ना जलाए बल्कि उनका कृषि यंत्रों के माध्यम से निस्तारण करे।
जिला अंबाला में धान की कटाई एवं जीरी के बाद खेतो में पड़े अवशेष जलाने पर पूर्णत: प्रतिबंध लगाया गया:डीसी
