पानी निकासी के प्रबंधन में बरती लापरवाही की जांच करके दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई हो – पूर्व डिप्टी सीएम
हरियाणा के पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने प्रदेश में आई बाढ़ के लिए भाजपा सरकार और प्रशासनिक अधिकारियों की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि बाढ़ की स्थिति का सबसे बड़ा उदाहरण हिसार मंडल आयुक्त की रिपोर्ट है, जिसमें सिंचाई विभाग द्वारा खरीदे गए निम्न गुणवत्ता वाले पाइपों को बाढ़ का मुख्य कारण बताया गया है। उन्होंने कहा कि पानी के दबाव को सहन न कर पाने वाले पाइपों के कारण दर्जनों गांव जलमग्न हो गए हैं।
हिसार में बुधवार को जेजेपी कार्यकर्ताओं की बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए दुष्यंत चौटाला ने कहा, सिंचाई विभाग के लापरवाह अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड किया जाना चाहिए और पूरे प्रदेश में सिंचाई विभाग की जांच कराई जानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि बारिश से पहले न तो ड्रेनों की सफाई करवाई गई और न ही गुणवत्तापूर्ण पाइप खरीदे गए। साथ ही नहरों की सफाई भी अपर्याप्त रही, जिससे जलभराव ने गंभीर रूप ले लिया।
उन्होंने कहा कि बारिश ने सरकार और अधिकारियों की नींद खोल दी है। प्रशासन की नाकामी के चलते प्रदेश में करोड़ों रुपए का नुकसान हुआ है। दुष्यंत चौटाला ने सरकार से ड्रेन सफाई और बाढ़ राहत के लिए किए गए कार्यों का ब्यौरा सार्वजनिक करने की मांग की। उन्होंने कहा कि अधिकारियों की ड्यूटी सही ढंग से नहीं लगाई गई, जिससे पूरे प्रदेश की स्थिति बिगड़ गई है।
कृषि पर पड़े असर को लेकर उन्होंने कहा कि लाखों एकड़ से ज्यादा फसल जलमग्न हो गई है, जिससे किसानों को भारी नुकसान हुआ है। वर्तमान फसल ही नहीं, अगली फसल के लिए भी संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार द्वारा किसानों के लिए निर्धारित मुआवजा ऊंट के मुंह में जीरे के समान है और इसे बढ़ाकर किसानों को राहत दी जानी चाहिए।
