सनातन धर्म कॉलेज, अंबाला छावनी में चल रही वार्षिक प्रतिभा अन्वेषण प्रतियोगिता के दूसरे चरण का आयोजन उत्साह और उमंग के साथ  हुआ। कार्यक्रम का सफल आयोजन प्राचार्या डॉ. अलका शर्मा के मार्गदर्शन में डॉ विजय और निर्णायक मंडल के सदस्यों ने  दीप प्रज्वलन कर किया। सांस्कृतिक डीन डॉ विजय शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि ऐसी प्रतियोगिताएँ विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा को प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान करती हैं। आज की पीढ़ी के लिए यह एक सुनहरा क्षण है जब वे संस्कृति और आधुनिक तकनीक एक साथ जोड़कर अपनी पहचान बना सकते हैं। कला और ज्ञान का यह संगम ही भविष्य के लिए मार्गदर्शक सिद्ध होगा। दूसरे चरण की शुरूआत वाद्ययंत्र वादन एवं गान प्रतियोगिता से हुई। इस प्रतियोगिता में छात्रों ने तबला, गिटार और हारमोनियम पर अपनी शानदार प्रस्तुतियों से दर्शकों का दिल जीत लिया। परिणामस्वरूप वादन प्रतियोगिता में  गुरमेज प्रथम, द्वितीय गुरतेज, खुशप्रीत ने तृतीय स्थान और गायन प्रतियोगिता में अनुराग बुर्मन प्रथम , गुरुशा द्वितीय और प्रद्युमन ने तृतीय स्थान प्राप्त किए। इसके पश्चात मोनो एक्टिंग और मिमिक्री प्रतियोगिता आयोजित हुई। प्रतिभागियों ने सामाजिक मुद्दों, हास्य और व्यंग्य पर आधारित प्रस्तुति देकर दर्शकों को प्रभावित किया। निर्णायकों ने भी प्रतिभागियों की रचनात्मकता और अभिनय क्षमता की सराहना की। इस प्रतियोगिता में कविता रानी प्रथम आकाश,  द्वितीय प्रशांत और हितेश तृतीय स्थान पर रहे। नृत्य प्रतियोगिता ने पूरे वातावरण को जीवंत बना दिया। शास्त्रीय, लोक और आधुनिक नृत्य प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। निर्णायकों ने प्रथम आशिका, वंशिका को द्वितीय और बिस्मन सिंह को तृतीय स्थान पर घोषित किया। कार्यक्रम में सबसे रोचक रहा क्विज प्रतियोगिता का फाइनल राउंड। इसमें विद्यार्थी आमने-सामने रहीं और इतिहास, विज्ञान, साहित्य, समसामयिक घटनाओं एवं सामान्य ज्ञान से जुड़े प्रश्नों का जवाब देकर दर्शकों में उत्सुकता जगाई। त्वरित उत्तरों और शानदार टैलेंट के बल पर  ने प्रथम स्थान आयुष कुमार प्राप्त किया, जबकि  प्रियंका द्वितीय और गुरुवंश तृतीय स्थान पर रहीं। निर्णायक मंडल और प्राध्यापक के रूप में  डॉ. परमजीत कौर, डॉ. मधु शर्मा, डॉ. नितिन सेहगल, डॉ. प्रेम सिंह, डॉ. हरविन्दर कौर, डॉ. सतबीर सिंह, सुश्री नीतू बख्शी, डॉ. निरवैर सिंह और सुश्री जीनत मदान रहे। मंच का संचालन  डॉ. जोगिन्दर रोहिल्ला और डॉ. हीना के द्वारा  किया गया। कार्यक्रम का समापन पुरस्कार वितरण समारोह से हुआ, जिसमें पहले दिन के भाषण प्रतियोगिता में प्रथम  आह्वान जैन, द्वितीय हिमांशी चौहान और इशिका विजेता  तृतीय पर, चित्रकला में पहले स्थान पर अंजलि, दूसरे पे कृतिका और तीसरे पर चन्नप्रीत कौर रही। काव्य सम्मेलन में भी प्रथम प्रद्युमन, द्वितीय हन्ना और तृतीय  पर आशीष को भी ट्रॉफी और प्रमाणपत्र प्रदान किए गए। प्राचार्या डॉ. अलका शर्मा ने सभी विजेताओं व प्रतिभागियों को बधाई देते हुए कहा कि हार और जीत से कहीं बढ़कर महत्वपूर्ण है मंच पर उतरने का साहस और अपनी कला को प्रस्तुत करने का आत्मविश्वास। इस अवसर पर डॉ. सोनिका सेठी  ने कहा कि यह प्रतियोगिता केवल एक मंचीय गतिविधि नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास की प्रयोगशाला है। इससे उनकी रचनात्मकता और सांस्कृतिक चेतना को नई दिशा मिलती है।