सनातन धर्म कॉलेज, अंबाला छावनी में आज से वार्षिक प्रतिभा प्रदर्शन प्रतियोगिता की शुरूआत हुई। पहले दिन आयोजित कार्यक्रमों में छात्रों ने कविता, भाषण, प्रश्नोत्तरी और चित्रकला जैसे मंचों पर अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। प्राचार्या डॉ. अलका शर्मा एवं निर्णायक मंडल के सदस्यों ने दीप प्रज्वलित कर प्रतियोगिताओं का उद्घाटन किया और छात्रों को नई ऊर्जा तथा उत्साह के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया। काव्य गोष्ठी और भाषण प्रतियोगिता ने कार्यक्रम की शुरूआत को यादगार बना दिया। मंच पर उतरे छात्रों ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, भारत की पारंपरिक जड़ों तथा माँ जैसे सामाजिक मुद्दों और सांस्कृतिक मूल्यों पर अपनी प्रभावशाली प्रस्तुतियाँ दीं। छात्रों के आत्मविश्वासपूर्ण प्रदर्शन को देखकर निर्णायक मंडल ने कहा कि यह नई पीढ़ी की रचनात्मकता और चिंतनशील दृष्टिकोण का स्पष्ट प्रमाण है। इसके बाद आयोजित प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता (प्रारम्भिक दौर) में छात्रों के बीच ज्ञान की अद्भुत प्रतिस्पर्धा देखने को मिली। इतिहास, विज्ञान, समसामयिक घटनाओं और साहित्य से जुड़े प्रश्नों के उत्तर छात्रों ने त्वरित गति और आत्मविश्वास के साथ दिए। यह प्रतियोगिता दर्शकों के लिए भी बेहद रोचक और रोमांचक रही। चित्रकला प्रतियोगिता ने छात्रों की कल्पनाशक्ति और रचनात्मकता को उजागर किया। प्रतिभागियों ने सामाजिक संदेशों, प्रकृति की सुंदरता, सांस्कृतिक विविधता और आधुनिक जीवन की चुनौतियों जैसे विषयों पर अपनी कलाकृतियाँ प्रस्तुत कीं। रंगों और भावनाओं के इस अद्भुत मिश्रण ने निर्णायकों और दर्शकों को गहराई से प्रभावित किया। निर्णायक मंडल और प्राध्यापक के रूप में डॉ. सतिन्दर वर्मा, डॉ. लीना गोयल, डॉ. राजेश कुमार, डॉ. तजिन्दर सिंह, डॉ. पंकज कुमार, डॉ. सरयू शर्मा, डॉ. कृशन कुमार, डॉ. सुमित छिब्बर, डॉ. दिव्या जैन, सुश्री कवलीन भरेज और डॉ. अर्ति अरोड़ा उपस्थित रहे। मंच संचालन की जिÞम्मेदारी सुश्री बबिता बिष्ट, डॉ. छवि किरण और डॉ. यशना बावा ने कुशलतापूर्वक निभाई, जिन्होंने पूरे कार्यक्रम को सधे हुए शब्दों और उत्साहपूर्ण अंदाज से संवार दिया। सभी ने छात्रों की प्रतिभा की सराहना की और कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएँ छात्रों के समग्र विकास के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। प्राचार्या डॉ. अलका शर्मा ने सभी विजेताओं और प्रतिभागियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि ह्लयह प्रतियोगिता छात्रों को अपनी प्रतिभा प्रस्तुत करने, आत्मविश्वास बढ़ाने और व्यक्तित्व निखारने का सुनहरा अवसर प्रदान करती है। हार और जीत जीवन का हिस्सा हैं, लेकिन मंच पर उतरना और प्रयास करना ही सबसे बड़ी उपलब्धि है। सांस्कृतिक डीन डॉ. विजय शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि प्रतिभा तभी सार्थक होती है जब उसे मंच मिले। विद्यार्थियों ने इस प्रतिभा प्रदर्शन के माध्यम से यह सिद्ध कर दिया है कि उनमें न केवल शैक्षणिक क्षमता है, बल्कि सांस्कृतिक, कलात्मक और सृजनशील प्रतिभा का भी अनमोल भंडार है। यह आयोजन केवल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण की प्रयोगशाला है। इस सफल आयोजन में डॉ. सोनिका सेठी का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा, जिनके मार्गदर्शन ने कार्यक्रम को और अधिक प्रभावशाली बनाया। प्रतिभागियों ने भी प्रतियोगिता को अपने लिए प्रेरणादायी अनुभव बताया। छात्रों ने कहा कि इस मंच ने उन्हें आत्म-अभिव्यक्ति का अवसर दिया और नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा प्रदान की।प्रतियोगिता का अगला चरण 13 सितम्बर को आयोजित होगा, जिसमें वाद्य यंत्र वादन, गायन, मोनो एक्टिंग, मिमिक्री और नृत्य प्रतियोगिताएँ होंगी। उसी दिन पुरस्कार वितरण समारोह में विजेताओं को सम्मानित किया जाएगा और प्रतियोगिता का औपचारिक समापन होगा।
सनातन धर्म कॉलेज में प्रतिभा प्रदर्शन प्रतियोगिता में छात्रों ने बिखेरे हुनर के रंग



