नगरपालिका कर्मचारी संघ (संबद्ध सर्व कर्मचारी संघ ) के आह्वान पर सेंकड़ो सफाई कर्मचारियों ने कम्युनिटी हाल से रेस्ट हॉउस तक प्रदेश सरकार की वायदाखिलाफी के विरोध में प्रदर्शन किया। इसमें नगरपालिका के पे रोल कर्मियों के साथ नाईट स्वीपिंग व डोर टू डोर स्कीम के ठेका कर्मियों ने भी भाग लिया। हल्का विधायक श्रीमती शैली चौधरी से कर्मचारियों ने अपील करते हुए कहा कि वह अपने प्रभाव का प्रयोग कर सफाई कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान करवाए। विधायक महोदया ने कहा कि उन द्वारा सफाई कर्मचारियों को पक्का करने बारे कई बार विधानसभा में आवाज उठाई। परन्तु सरकार अनसुना कर रही है। उन्होंने कहा कि वह इस बारे दोबारा मुख्य्मंत्री को पत्र लिखेंगी। ज्ञापन में सफाई के काम में ठेका प्रथा बंद करने। सभी ठेका सफाई कर्मचारियों को पक्का करने तथा मुख्यमंत्री महोदय की जींद में की गई घोषणा मुताबिक शहरी सफाई कर्मचारियों को 27 हजार रू मासिक वेतन देने तथा फायर कर्मचारियों पर समान काम समान वेतन लागू करने की मुख्य रूप से मांग की गई है। इसके इलावा 400 की जनसंख्या पर एक सफाई कर्मचारी को नियुक्त करने तथा ऐप के माध्यम से आन लाइन हाजरी के सिस्टम पर रोक लगाने की मांग की गई। विधायक को ज्ञापन देने के बाद सभी कर्मचारी प्रदर्शन करते हुए नगरपालिका कार्यलय पहुँचे। यंहा दोनों स्कीमो के ठेका कर्मचारियों ने अपने बकाया वेतन भुगतान को लेकर अधिकारी को ज्ञापन दिया। इस पर सैक्ट्री नगरपालिका ने आश्वासन दिया कि नाईट स्वीपिंग व डोर टू डोर स्कीम के ठेकेदारों के पास कर्मचारियों का जो भी बकाया है उस सबका एक सप्ताह में भुगतान करवा दिया जाएगा। हालांकि कूड़ा उठाने वालों के साल 2023 के बकाया 70 दिन के वेतन पर सैक्ट्री ने चुप्पी साध ली। प्रदर्शन का नेतृत्व नगरपालिका कर्मचारी संघ के प्रधान सागर, नाईट स्वीपिंग ठेका सफाई कर्मचारी यूनियन के प्रधान शशांक हँस व डोर टू डोर सफाई कर्मचारी यूनियन के प्रधान लखमी चंद ने किया। प्रदर्शनकारियों को सीटू नेता सतीश सेठी व सफाई कर्मी यूनियन नेता धर्मवीर, सोम नाथ, वकील सिंह, बीर सिंह, प्रदीप कुमार, आदर्श उर्फ शेखू ने भी सम्बोधित किया।
नगरपालिका सफाई कर्मचारियों ने ठेका प्रथा खत्म करने की मांग को लेकर हल्का विधायक को ज्ञापन सौंपा
