हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो  की अंबाला यूनिट ने राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई), सेक्टर 7, अंबाला शहर में एक प्रभावी नशा विरोधी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। इसका मुख्य उद्देश्य युवा पीढ़ी को नशे के घातक प्रभावों से अवगत कराना और उन्हें एक नशामुक्त भविष्य की ओर प्रेरित करना था। इस कार्यक्रम का आयोजन एनसीबी प्रमुख एवं पुलिस महानिदेशक श्री ओ. पी. सिंह के मार्गदर्शन में किया गया, जिसमें पुलिस अधीक्षक  मोहित हांडा और उप पुलिस अधीक्षक श्री जगबीर सिंह का निर्देशन भी शामिल था। कार्यक्रम का संचालन उप निरीक्षक संदीप कुमार और सह-उप निरीक्षक फूल कुमार ने किया। इस मुहिम में संस्थान के प्रधानाचार्य दिनेश सिंह राणा का भी सक्रिय सहयोग रहा।
युवाओं को नशा मुक्ति की शपथ
कार्यक्रम में उपस्थित सभी विद्यार्थियों को यह शपथ दिलाई गई कि वे न केवल खुद को नशे से दूर रखेंगे, बल्कि अपने परिवार और समाज को भी इस सामाजिक बुराई से मुक्त करने में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।  उप निरीक्षक संदीप कुमार ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि, ह्लजो युवा नशे से बचते हैं, वही कल देश को नई ऊँचाइयों तक ले जाते हैं।ह्व उन्होंने नशे के शारीरिक, मानसिक और आर्थिक दुष्परिणामों पर प्रकाश डाला, जो किसी भी व्यक्ति के जीवन को बर्बाद कर सकते हैं। अन्य वक्ताओं ने नशे को “समाज को दीमक की तरह खोखला करने वाला” बताते हुए एक मजबूत राष्ट्र के निर्माण के लिए इसे जड़ से खत्म करने पर जोर दिया। उन्होंने युवाओं को शिक्षा, खेल और रचनात्मक गतिविधियों से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित किया।
सरकार की पहल और जन-आंदोलन
इस अवसर पर भारत सरकार के नशा मुक्त भारत अभियान और हरियाणा सरकार की अन्य नशामुक्ति योजनाओं का भी उल्लेख किया गया। हरियाणा एनसीबी की विशेष पहलों, जैसे नमक लोटा अभियान, साइक्लोथॉन मुहिम, और ‘नशा मुक्त जीवन झ्र नायाब जीवन (बेकैट चैलेंज)’ के बारे में भी जानकारी दी गई। इन अभियानों का मकसद युवाओं को जोड़कर नशे के खिलाफ एक शक्तिशाली जन-आंदोलन खड़ा करना है।
आपकी जानकारी, हमारी ताकत
पुलिस टीम ने अपील करते हुए कहा कि नशे के अवैध व्यापार की सूचना तुरंत भारत सरकार के टोल-फ्री नंबर 1933, आॅनलाइन पोर्टल  या हरियाणा एनसीबी हेल्पलाइन 90508-91508 पर दें। अधिकारियों ने आश्वस्त किया कि सूचना देने वालों की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। यह कार्यक्रम न केवल एक जागरूकता अभियान था, बल्कि एक सामूहिक प्रयास था ताकि युवा पीढ़ी नशे के जाल से बचकर एक उज्जवल और सशक्त भविष्य का निर्माण कर सके।