कहा, रामायण की तरह संविधान का भी टीवी पर प्रसारण होना चाहिए, ताकि लोग जान सकें अपने हक और अधिकार

ब्लॉक समिति पुंडरी की वाइस चेयरमैन एडवोकेट आरती बाकल ने कहा कि आज के दौर में आम नागरिकों को अपने अधिकारों और कर्तव्यों की जानकारी होना बहुत आवश्यक है। उन्होंने सुझाव दिया कि जिस प्रकार लॉकडाउन के दौरान टीवी पर रामायण और महाभारत का प्रसारण किया गया और समाज के हर वर्ग ने उसे रुचि से देखा, उसी प्रकार संविधान का भी टीवी पर प्रसारण होना चाहिए।
एडवोकेट आरती बाकल ने कहा कि संविधान सिर्फ एक किताब नहीं, बल्कि यह हमारे लोकतंत्र की आत्मा और हर नागरिक के जीवन का आधार है। इसमें न केवल मौलिक अधिकार दिए गए हैं, बल्कि कर्तव्यों और सामाजिक जिम्मेदारियों का भी स्पष्ट उल्लेख है। यदि आमजन संविधान के अनुच्छेदों और प्रावधानों को समझेंगे तो वे अन्याय, शोषण और भेदभाव के खिलाफ खड़े हो पाएंगे और अपने हक की रक्षा कर सकेंगे।
उन्होंने कहा कि आज भी बड़ी संख्या में लोग अपने अधिकारों से अनजान हैं। यही कारण है कि अक्सर वंचित वर्गों के साथ भेदभाव और अन्याय होता है।