ओबीसी बिग्रेड की कोर कमेटी की एक आवश्यक बैठक स्थानीय दादरी गेट स्थित संगठन के कार्यालय में सम्पन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष राजेंद्र तंवर ने की। बैठक में संगठन से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा की गई।
इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष राजेंद्र तंवर ने कहा कि ओबीसी बिग्रेड अब 27 प्रतिशत नहीं, बल्कि जनसंख्या के आधार पर 43 प्रतिशत आरक्षण की मांग को लेकर संघर्ष करेगा। उन्होंने कहा कि जब 15 प्रतिशत लोगों को साढ़े 50 प्रतिशत तक आरक्षण दिया जा सकता है, तो हरियाणा में 43 प्रतिशत ओबीसी को केवल 27 प्रतिशत आरक्षण क्यों दिया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि क्लास-1 व क्लास-2 नौकरियों में जो आरक्षण 15 प्रतिशत है, उसे बढ़ाकर सरकार को 43 प्रतिशत करना चाहिए।
राजेंद्र तंवर ने कहा कि केंद्र सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) को 10 प्रतिशत आरक्षण बिना मांगे ही दे दिया, जिससे 50 प्रतिशत की सीमा पहले ही टूट चुकी है। अब पिछड़ा वर्ग अपनी वास्तविक जनसंख्या के अनुसार आरक्षण की लड़ाई लड़ेगा।
उन्होंने जानकारी देते हुए कहा कि ओबीसी बिग्रेड का पहला कार्यकर्ता सम्मेलन 16 नवंबर को हिसार स्थित कबीर भवन में आयोजित किया जाएगा, जिसमें करीब एक हजार कार्यकर्ता शामिल होंगे। इस सम्मेलन में शासन-प्रशासन, पंचायत, निकाय चुनाव और बजट में जनसंख्या के अनुपात में हिस्सेदारी की मांग उठाई जाएगी। भाजपा और कांग्रेस दोनों पर निशाना साधते हुए तंवर ने कहा कि दोनों ही पार्टियों ने टिकट बंटवारे में पिछड़े वर्ग के साथ विश्वासघात किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि जनसंख्या कम होने के बावजूद स्वर्ण समाज को अधिक टिकट दिए जाते हैं, जबकि पिछड़ा वर्ग-ए और राजपूत समाज को उनकी संख्या के अनुसार भी टिकट नहीं मिलते। तंवर ने कहा कि जिसकी जितनी संख्या भारी, उसकी उतनी हिस्सेदारी का नारा लगाने वाली पार्टियां असलियत में पैसे लेकर टिकट बांटती हैं और चुनाव को महंगा कर पिछड़े वर्ग को सत्ता में भागीदारी से दूर रखती हैं। इस बैठक में अधिवक्ता सुरेंद्र रोहिल्ला करनाल, शिवकुमार जोगी, डॉ. किशन बागोरिया, तुलसीराम बुल्ला, रण सिंह राणौलिया, सरदार मुख्तयार सिंह सदर, श्यामपाल रोहिल्ला, सुरेंद्र इंदाछुई (युवा प्रधान), बलजीत सरपंच, रोहताश सैनी और मदन वर्मा (पूर्व चेयरमैन नगर परिषद) सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।