पशुपालन विभाग कैथल के उप निदेशक डा. सूर्या खटकड़ ने बताया कि घग्गर के जलस्तर के कारण जिन गांवों के खेतों में पानी भरा है, उन गांवों में पशुपालन विभाग व स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्वास्थ्य जांच शिविर लगाए जा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा आशा वर्कर को प्राथमिक चिकित्सा किट उपलब्ध करवाई गई है। सिविल सर्जन डा. रेणु चावला ने बताया कि गुहला क्षेत्र में 24 घंटे एंबुलेंस की तैनात की गई है। जल जनित बीमारियों की रोकथाम को लेकर डोर टू डोर सर्वे किया जा रहा है। ओआरएस के पैकेट उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। वहीं पशुपालन विभाग द्वारा दो मोबाइल चिकित्सा वैन लगाई गई हैं। इसके अलावा 19 कैंप लगाए हैं और करीब 2628 पशुओं का उपचार किया गया है।