पुरानी सब्जी मंडी स्थित दरगाह हजरत साई तवक्कलशाह मस्जिद से शोभायात्रा का आयोजन किया गया। शोभायात्रा का शुभारंभ मुख्यातिथि मेराज आलम ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। शोभायात्रा में अंबाला के सैंकड़ों मुस्लिम भाईयों ने शिरकत की। मेराज आलम ने कहा कि मुस्लिम समाज के लोगो को जश्ने-ईद मिलाद उल-नबी की शुभकामनाये दी, मेराज आलम ने  बताया कि शोभायात्रा अंबाला शहर के मुख्य बाजार तन्दुरा बाजार, सरार्फा बाजार, दाल बाजार, पटेल रोड, जगाधरी गेट, पम्मी चौक, कपड़ा मार्किट, अग्रसेन चौक, कचैहरी चौक से होते हुए बादशाही मस्जिद रणजीत नगर  पहुंची। जहां भव्य जलसे का कार्यक्रम हुआ। बादशाही मस्जिद के इमाम मोहम्मद मोबस्सिर रजा साहब ने कहा कि आज का दिन हमारे नबी की पैदाईश का दिन है। हमे अकीदत व मोहब्बत के साथ जिक्रे मुस्तफा करना चाहिए। इसके साथ ही शम्मे रिसालत के परवाने चरागा करते है और अपने घरो और मस्जिदों पर कुमकुमे भी लगाते है। उन्होंने कहा कि खालिके कायनात ने सारी कायनात को सजाया बल्किी आसमान के सितारों को फामुस और कुमकुमे बनाकर जमीन के करीब कर दिया। मेराज आलम ने कहा कि अल्लाह ने नबी-ए-करीम को तमाम आलम-ए- इंसानियत की रहनुमाई के लिए भेजा इस दिन पैगंबर मोहम्मद (स.अ.) की शिक्षाओं और आदर्शों को याद करते है उन पर चलने का संकल्प लेते है ओर उलमा ने नबी-ए- करीम के पैगाम पर अमल करने की अपील की । मेराज आलम ने हुजूर के संदेशों को याद करते हुए एकता और प्रेम का संदेश दिया । इस अवसर पर कमेटी के मुख्य पदाधिकारी कलीम अशरफ, मोहम्मद नूर आजम, मोहम्मद जुनैद अंसारी, मासूम रजा, वसीम रजा, रहमतअली, मोहम्मद उवैश, मोहम्मद शान, अरशद अली, मोहम्मद दानिश, हामिद, मो.शाकिर, हाफिज इरफान, इसरार, इमरान खान, मौलाना फुरकान, आरिफ, ताजीम, अनवर, अमीन, शमीम, आरिश, सद्दाम, अली, हसनैन, दिलावर, मोहम्मद शाहिद, मोहम्मद शमीम, मोहम्मद सलीम,  सब्बीर खान, बब्लू, फारुख, नौशाद, इशाक साहब, इलयास साहब,आदि ने सभी को मुबारकबाद दी।