श्री दिगम्बर जैन सभा रजि०, अतिशय क्षेत्र अम्बाला शहर द्वारा दसलक्षण पर्व के पाँचवें दिवस ह्लउत्तम सत्य धर्मह्व का आयोजन श्रद्धा एवं भक्ति के साथ सम्पन्न किया गया। प्रात:कालीन कार्यक्रम में प्रभु का पावन जिनाभिषेक, शांतिधारा एवं जिन पूजन विधिवत सम्पन्न हुए, जिनमें समाज के अनेक श्रद्धालुओं ने भाग लेकर धर्म लाभ लिया। इस अवसर पर उत्तम सत्य धर्म की महिमा का विशेष वर्णन किया गया। सत्य धर्म जीवन को पवित्र, सरल और ईमानदार बनाने का आधार है। सत्यव्रत धारण करने से आत्मा में स्थिरता, विश्वास एवं शांति का वास होता है। यह धर्म सम्यक आचरण की आत्मा तथा सभी व्रतों का आधार है। दोपहर के उपरान्त, सभा द्वारा सेवा कार्य के अंतर्गत क्षेत्र की विभिन्न अंध विद्यालयों एवं संस्थानों में अल्पाहार वितरण किया गया। यह सेवा कार्य समाज के वरिष्ठजनों एवं युवाओं के सहयोग से सम्पन्न हुआ। सभा के उपाध्यक्ष अभय जैन ने बताया कि सत्य धर्म आत्मा की सबसे बड़ी शक्ति है, जो मानव को न केवल धर्ममय जीवन की ओर अग्रसर करता है, बल्कि समाज में सत्यनिष्ठा, पारदर्शिता और विश्वसनीयता की भावना को भी जागृत करता है। इसी भावना से प्रेरित होकर समाज द्वारा सेवा एवं धर्म कार्य लगातार किए जा रहे हैं।