बराड़ा के एसडीएम सतीन्द्र सिवाच ने जलभराव की समस्या के समाधान के लिए  उपमंडल के राजस्व विभाग, स्वास्थ्य विभाग, पीडब्ल्यूडी, पशुपालन, पब्लिक हेल्थ, मार्केटिंग बोर्ड व अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों की बैठक अपने कार्यकाल में ली। बैठक में उन्होंने सभी विभागों को आपस मे तालमेल कर बरसाती पानी की निकासी को लेकर आवश्यक दिशा निर्देश भी दिए।   उन्होंने कहा कि जल भराव की स्थिति से निपटने के लिए जो कार्य किए जा रहे हैं और आगे बेहतर समन्वय बनाकर और कार्य हो सकते हैं, उसके बारे चर्चा की। उन्होंने सबंधित विभागों से आए अधिकारियों को निर्देश दिए कि विभिन्न संशाधनों से खड़े बरसाती पानी की निकासी जल्द से जल्द कराएं। पीडब्ल्यूडी, नगर पालिका, पब्लिक हेल्थ के अधिकारियों ने बताया कि जिन भी क्षेत्रों में अभी भी जल भराव है वहां पर उपयुक्त मशीनरी के माध्यम से बरसाती पानी की निकासी का कार्य किया जा रहा है ताकि लोगों को जल भराव की स्थिति से निजात दिलवाई जा सके। एसडीएम ने टूटी सडको की मुरम्मत व सडकों के किनारों के भरम को भरने के लिए पीडब्ल्यूडी व मार्किट कमेटी के अधिकारियों को निर्देश दिए और कहा कि जिन स्थानों पर पाइप डालने की जरूरत है पाइप डालकर पानी की निकासी की जाए। उन्होंने दोसडका मुलाना हाईवे से पानी की निकासी के लिए सबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। नगर पालिका के अधिकारियों को  कॉलोनियों में पानी की निकासी व नालों की सफाई के लिए को प्राथमिकता पर करने को कहा। एसडीएम सतीन्द्र सिवाच ने बैठक की अध्यक्षता करते हुए यह भी कहा कि भारी वर्षा व पहाड़ी क्षेत्र से पानी आने के कारण निचले स्थानों में पानी जमा हो गया था। निचले क्षेत्रों में जहां पर पानी खड़ा है वहां से पानी निकालने का कार्य किया जा रहा है और जल्द ही इसका समाधान कर दिया जाएगा। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि जिन गांवों में बरसात की वजह से जलभराव की स्थिति पैदा हुई थी, उन गांवों में स्वास्थ्य विभाग द्वारा मेडिकल कैंप लगाए जाएंगे। इन मेडिकल कैंपों में ग्रामीणों के स्वास्थ्य की जांच व आवश्यक दवाइयां उपलब्ध करवाई जाएंगी, कैंपों में प्रभावित ग्रामीणों को चिकित्सकीय परामर्श और आवश्यक दवाइयां उपलब्ध कराई जाएंगी। साथ ही जरूरत अनुसार क्लोरीन की गोलियां भी दी जाएंगी। उन्होंने बताया कि इन मेडिकल कैंपों के माध्यम से जलभराव के कारण होने वाली बीमारियों को रोकना और प्रभावित लोगों को तुरंत स्वास्थ्य सहायता प्रदान की जाएगी। जिन रिहायशी कालोनियों में बरसाती पानी गया है उनमें पीने के पानी के सैंपल लिए जा रहे है ताकि बीमारियां न पनप सके। इसके साथ ही उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को पानी की वजह से होने वाली बीमारी की रोकथाम के लिए से सभी प्रकार की दवाएं, लाइफ सेविंग आदि समान स्टॉक सुनिश्चित करें। स्वास्थ्य विभाग के एसएमओ डॉ तरुण प्रसाद ने बताया कि एक गांव में स्वास्थ्य विभाग की एक टीम विजिट करेगी। इसमें एक डॉक्टर व अन्य सहयोगी स्टाफ शामिल होगा। गांव में ग्रामीणों के स्वास्थ्य की जांच होगी। इसमें बुखार, खांसी, दस्त व अन्य समस्याओं की जांच की जाएगी। उन्होंने कहा कि गांववासी पानी को उबाल कर पीएं व अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें। उन्होंने पशुपालन विभाग के अधिकारियों से बरसात के पानी के कारण पशुओं के नुकसान व बीमारियों की रोकथाम के क्या तैयारी की रिपोर्ट मांगी। जिन गॉव में बरसात के पानी से फसल का नुकसान हुआ है उनके खराबे की स्थिति रिपोर्ट के लिए सबंधित तहसीलदार व पटवारियों को निर्देश दिए। बैठक में तहसीलदार बराड़ा अंकित बैनीवाल, नायाब तहसीलदार गीता राम, नगरपालिका सचिव राजेश कुमार, पशुपालन विभाग के एसडीओ सतीन्दर पाल सिंह, पीडब्ल्यूडी एसडीओ आशा रानी, पब्लिक हेल्थ जेई दीपक चौहान, एमओ डॉ शिखर गोयल, एएमओ डॉ अमित कुमार, एनएचएआई से रोहित अरोड़ा, जेई सुनील कुमार सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।