अम्बाला मंडल के आयुक्त संजीव वर्मा ने शनिवार को अपने कार्यालय में प्रशासनिक अधिकारियों की एक बैठक लेते हुए अंबाला से गुजरने वाली टांगरी व अन्य नदियों में  गत दिवस आए  अत्याधिक पानी के बहाव को लेकर  समीक्षा की और बाढ़ प्रबंधन के तहत किए गए कार्यो बारे जानकारी लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस मौके पर उनके साथ उपायुक्त अजय सिंह तोमर, एसडीएम दर्शन कुमार, एसडीएम विनेश कुमार, एसडीएम शिवजीत भारती, एसडीएम सतिन्द्र सिवाच मौजूद रहे। मंडलायुक्त ने बैठक के दौरान टांगरी नदी के साथ-साथ रिहायसी व ग्रामीण क्षेत्र में बरसाती पानी की निकासी से सम्बन्धित क्या स्थिति है उसकी समीक्षा की। जल भराव के चलते कहीं पर फसलें खराब तो नहीं हुई है उसकी भी जानकारी लेते हुए पशुओं के चारे की व्यवस्था के बारे में भी जाना। उन्होंने कहा कि यदि कहीं पर भी जल भराव की स्थिति उत्पन्न होती है तो उस बारे पटवारी, ग्राम सचिव व इसके साथ-साथ फिल्ड आॅफिसर सचेत रहें और इस बारे तुरंत जिला प्रशासन को अवगत करवाएं ताकि समय रहते स्थिति से निपटा जा सके। उपायुक्त अजय सिंह तोमर ने मंडलायुक्त को अवगत करवाते हुए बताया कि जल भराव के चलते ,अब  टांगरी का जो जल स्तर है वह 10 हजार क्यूसिक है जोकि शाम तक और नीचे आ जाएगा। पहाडी क्षेत्रों में बारीश बंद है और बरवाला से भी लगभग 3 हजार क्यूसिक पानी का स्तर है। उन्होने यह भी बताया कि अम्बाला छावनी में टांगरी नदी के नजदीक सोनिया विहार व विकास पुरी में पानी आ गया था। सिंचाई विभाग व नगर परिषद की मशीनरी /पम्पों द्वारा पानी निकाला जा रहा है जोकि अगले 5-6 घंटे में निकल जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि जहां पर जल भराव हुआ था वहां पर साफ-सफाई व्यवस्था करवाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही साथ फोगिंग के भी निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए गए है कि टांगरी नदी के नजदीक जो जल घर है उनके पानी की टेस्टिंग की जाए। उन्होंने यह भी बताया कि बीते कल टांगरी नदी में पहाड़ी क्षेत्र से पीछे से ज्यादा पानी आ गया था जोकि खतरे के निशान से उपर था, इसको ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन द्वारा सभी पुख्ता प्रबंध किए गए थे। बकायदा अनाउसमैंट के माध्यम से टांगरी नदी में बसे लोगो को सचेत किया गया था और इन लोगों के लिए धर्मशालाओं की व्यवस्था की गई थी और उनके भोजन की व्यवस्था भी की गई थी। स्थिति अब पहले से सामान्य है। उपायुक्त ने जानकारी के क्रम में यह  भी बताया कि जिले के कुछ गांव के खेतों में ही पानी आया था। जिनमें नारायणगढ व बराड़ा के कुछ गांव के खेत शामिल है। सभी तहसीलदारों को कहा गया है कि पटवारियों के माध्यम से यदि कहीं पर कोई फसल खराब हुई है तो उसका जायजा लेते हुए उसकी रिपोर्ट भी दें । उन्होने यह भी बताया कि टांगरी नदी के नजदीक बीते कल स्कूलों को बंद किया गया था लेकिन अब स्थिति सामान्य है स्कूल भी खुल गए हैं। सिंचाई विभाग के साथ-साथ सभी विभागों की तैयारियां ठीक हैं। इस मौके पर अतिरिक्त नगर निगम आयुक्त दीपक सूरा, डीआरओ राजेश ख्यालिया, अधीक्षक अभियंता सिंचाई विभाग मनीष भारद्वाज, अधीक्षक अभियंता लोक निर्माण विभाग हरपाल सिंह, ईओ नगर परिषद देवेन्द्र, कार्यकारी अभियंता हरबंस सिंह, कार्यकारी अभियंता कृष्ण भुक्कल, कार्यकारी अभियंता संदीप कुमार, तहसीलदार आदित्य रंगा, नायब तहसीलदार अमित वर्मा, सुनील कुमार, एसडीओ जन स्वास्थ्य विभाग हरमिलाप सिंह, जिला शिक्षा अधिकारी सुरेश कुमार, जिला खेल अधिकारी राजबीर रंगा के साथ-साथ सम्बन्धित मौजूद रहे।